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यदि जलà¥à¤¦à¥€ पता चल जाठतो यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है, और किसी à¤à¥€ देरी के गंà¤à¥€à¤° परिणाम हो सकते हैं। à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ आमतौर पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का इलाज करने के लिठउपयोग किया जाता है, और Ceftriaxone à¤à¤‚टीबायोटिक के रूप में सिफारिश की जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गोनोरिया बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ टेटà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‡à¤•à¥à¤²à¤¿à¤¨ और पेनिसिलिन का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ करता है। गोनोरिया के लिठà¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ आमतौर पर रोगी को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की जाती हैं। 1% सिलà¥à¤µà¤° नाइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ घोल का उपयोग करके शिशॠकी आà¤à¤–ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोका जा सकता है।
रोकथाम इलाज से बेहतर है यह कहावत à¤à¥€ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर लागू होती है। संà¤à¥‹à¤— करते समय उचित सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ बीमारी के विकास की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को काफी कम कर देती है। यह à¤à¥€ सिफारिश की जाती है कि उन लोगों के साथ यौन गतिविधि में शामिल न हों जो पहले से ही इसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•े हैं या अà¤à¥€ इलाज किया गया है।
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